मुख्तार अब्बास नकवी: देश भर की वक्फ सम्पत्तियों का 100 दिन 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन लक्ष्य

रिज़वान रजा: आज नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित केंद्रीय वक्फ परिषद् के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी के सम्बोधन के मुख्य अंश:
नई दिल्ली, 29 जुलाई, 2019: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि केंद्र सरकार ने अपने 100 दिनों में देश भर की वक्फ सम्पत्तियों का सौ प्रतिशत डिजिटाइजेशन करने का लक्ष्य रखा है। देश भर में 6 लाख से ज्यादा पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियाँ हैं।
आज नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित केंद्रीय वक्फ परिषद् के राष्ट्रीय सम्मेलन में श्री नकवी ने “कौमी वक्फ बोर्ड तरक्कियाती स्कीम” के तहत 8 वक्फ मुतवल्लियों को पुरस्कृत किया। यह पहला मौका है जब वक्फ मुतवल्लियों को वक्फ सम्पत्तियों के सदुपयोग विशेषकर इनका जरूरतमंदों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए सदुपयोग करने वाले मुतवल्लियों को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किया गया है।
श्री नकवी ने कहा कि देश भर में कार्यरत मुतवल्ली वक्फ सम्पतियों के “कस्टोडियन” हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वक्फ संपत्तियों का सदुपयोग एवं सुरक्षा हो। इस सम्मेलन में केंद्रीय वक्फ काउंसिल के सचिव, काउंसिल के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी, देश भर के राज्य वक्फ बोर्डों के चेयरमैन/सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
श्री नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की 100 प्रतिशत जियो टैगिंग एवं डिजिटाइजेशन के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है ताकि देश भर में स्थित वक्फ सम्पत्तियों का सदुपयोग समाज की भलाई के लिए किया जा सके। सेंट्रल वक्फ कौंसिल, वक्फ रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन एवं जीआई मैपिंग/जिओ टैगिंग हेतु राज्य वक्फ बोर्डों को आर्थिक मदद एवं तकनीकी सहायता दे रही है ताकि सभी राज्य वक्फ बोर्ड, वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन का काम तय समय सीमा में पूरा कर सकें।
वक्फ सम्पत्तियों की जीआईएस/जीपीएस मैपिंग के लिए आईआईटी रूरकी, अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों द्वारा काम किया जा रहा है। 20 राज्यों के वक्फ बोर्डों में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग की सुविधा मुहैय्या कराई गई है। इस साल सभी राज्य वक्फ बोर्डों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
श्री नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश भर में वक्फ संपत्तियों पर स्कूल, कालेज, हास्पिटल, सामुदायिक भवन आदि के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत शत-प्रतिशत फंडिग कर रही है।
मोदी सरकार “प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम” के तहत देश के उन पिछड़े क्षेत्रों में कमजोर तबकों और विशेषकर लड़कियों की शिक्षा एवं रोजगारपरक कौशल विकास एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ढांचागत विकास कर रही है जो अब तक इन सुविधाओं से वंचित रहे हैं। केंद्र सरकार देश भर में वक्फ सम्पत्तियों पर स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र, बहु-उदेशीय सामुदायिक केंद्र “सद्भाव मंडप”, “हुनर हब”, अस्पताल, व्यावसायिक केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर आदि का निर्माण बड़े पैमाने पर कर रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अल्पसंख्यकों के लिए देश के सिर्फ 100 जिलों तक सीमित विकास योजनाओं का विस्तार “प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम” के अंतरगर्त 308 जिलों, 870 ब्लॉक, 331 शहर, हजारों गांवों में कर दिया है। इन योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों को हो रहा है।
श्री नकवी ने कहा कि वक्फ सम्पत्तियों के सम्बन्ध में नए दिशानिर्देशों के लिए जस्टिस (सेवानिवृत) श्री ज़कीउल्लाह खान के नेतृत्व में गठित 5 सदस्यीय कमेटी द्वारा रिपोर्ट सौंप दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशें वक्फ संपत्तियों के सदुपयोग एवं दशकों से विवाद में फंसी सम्पत्तियों को विवाद से बाहर निकालने के लिए वक्फ नियमों को सरल एवं प्रभावी बनाएगी। केंद्र सरकार इस कमेटी की सिफारिशों पर राज्य सरकारों से परामर्श कर आवश्यक कदम उठा रही है।